प्रकृति वंदना कार्यक्रम का उद्देश्य है कि मनुष्य दैनिक जीवन में पेड़ पौधों की रक्षा करे,सुभाष मकरंदी/कुलदीप शर्मा

एक पेड़ नीम का संस्था ने मंदिर धर्म सभा में प्रकृति वंदन दिवस मनाया

कपूरथला(राजेश सेठी/हरप्रीत सिंह पूर्वा)हरियावल पंजाब द्वारा रविवार को पूरे राज्य में प्रकृति वंदना दिवस मनाया गया।जिसके तहत पर्यावरण के प्रति मानवता को जागरूक करने के लिए वनस्पतियों और पौधों की पूजा की गई।इस संदर्भ में हैरिटेज सिटी कपूरथला में भी स्थानीय सनातन धर्म सभा में पौधों की पूजा की गई और पौधों के संरक्षण की शपथ ली गई।इस अवसर पर एक पेड़ नीम का संस्था के सुभाष मकरंदी व कुलदीप शर्मा ने बताया कि प्रकृति वंदना कार्यक्रम का उद्देश्य है कि मनुष्य दैनिक जीवन में पेड़ पौधों की रक्षा करे।समाज को प्रकृति व प्राणी रक्षा के प्राचीन मूल्यों की ओर पुन:उन्मुख करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।सुभाष मकरंदी ने कहा की हमारी सनातन संस्कृति मनुष्य मात्र को ही नहीं,अखिल ब्रह्मांड को ईश्वर का विराट स्वरूप मानती है।इस विराट स्वरूप में ईश्वर सूक्ष्म रूप से प्रतिष्ठित है।श्रीमद्भागवद गीता के अनुसार सनातन का अर्थ है वह जो अग्नि,जल,अस्त्र-शस्त्र से नष्ट न किया जा सके।जो प्रत्येक जीव-निर्जीव में विद्यमान है।पूरे विश्व में केवल हमारी संस्कृति ही है,जो एक व्यक्ति को परिवार से परिवार को समाज से और समाज को विश्व से जोड़कर एक परिवार के रूप में देखती है।हिंदू केवल धर्म नहीं एक वैज्ञानिक जीवन पद्धति है।हमारी संस्कृति की जड़ें इतनी परिष्कृत एवं व्यापक हैं कि हमारे प्रत्येक कार्य का वैज्ञानिक विश्लेषण स्वयं सिद्ध है।उन्होंने कहा की आज हमने अपनी परम्पराओं की ओर लौटते हुए प्रकृति वंदन किया है और पर्यावरण-वन एवं सम्पूर्ण जीव सृष्टि के संरक्षण के लिए प्रकृति वंदन कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया है।कुलदीप शर्मा ने कहा कि हम सब को प्रकृति को नमन करना चाहिए।प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए।यह हमारा कर्तव्य ही नही बल्कि धर्म भी है,क्योंकि यहाँ मानव प्रभु की सर्वोच्च रचना है।वही प्रकृति भी ईश्वर की सुंदर रचना है।एक पेड़ नीम का संस्था इस प्रयास में अहम भूमिका निभा रहा है।संस्था अपने सामाजिक प्रकल्प संरक्षण के तहत प्रकृति संरक्षण के लिए वचनबद्ध है,समय समय पर संस्था अलग अलग स्थानों पर वृक्ष रोपण व विरण कर इस धरा के शिंगार करता रहता है।उल्लेखनीय है कि एक पेड़ नीम का संस्था ने सनातन धर्म सभा और नगरवासियों के सहयोग से पिछले 2 वर्षों में कपूरथला और आसपास के क्षेत्रों में न केवल लगभग 5000 नीम के पौधे और 500 पीपल के पौधे लगाए हैं,बल्कि उनका नियमित रूप से रखरखाव भी किया जा रहा है।इसके अलावा कई घरों में आंवला के पौधे भी लगाए गए है।


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