जानिए जैन धर्म का मूल मंत्र और अर्थ क्‍या है? – Janta Se Rishta

जैन अनुयायी कई ऐसी प्राचीन पुस्‍तकों का पाठ करते हैं, जिनमें 24 तीर्थंकरों की शिक्षा-दीक्षाओं का वर्णन है. हिंदुओं की तरह जैन भी भारत में हजारों सालों से हैं और ये अहिंसा-दया को जिंदगी जीने का सबसे जरूरी हिस्‍सा मानते हैं. जैन साधक एक मंत्र का भी जाप करते नजर आते हैं, वो मंत्र है- णमोकार मंत्र. इस मंत्र में कुल 58 मात्राएं, 35 अक्षर, 34 स्वर, 30 व्यंजन और 5 पद हैं.

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