अजंता फार्मा का शेयर कमजोर Q4 के चलते 52 हफ्ते के निचले स्तर पर, बोनस इश्यू से भी नहीं मिला सहारा – मनी कंट्रोल

अजंता फार्मा (Ajanta Pharma) के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। ये शेयर ने आज यानी 11 मई 2022 को बीएसई पर 52-हफ्ते के निचले स्तर 1,593 रुपये तक फिसल गया। वित्त वर्ष 2022 की मार्च तिमाही (Q4FY22) के लिए कमजोर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के कारण बुधवार को इंट्रा-डे ट्रेड में शेयर में कमजोरी नजर आई। हालांकि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रत्येक 2 रुपये के शेयर पर 1:2 इक्विटी शेयर के अनुपात में बोनस इश्यू को मंजूरी दी है।

ये स्टॉक आज लगातार छठे कारोबारी दिन में गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इस अवधि के दौरान ये शेयर 12 प्रतिशत तक गिर गया। आज सुबह 11:58 बजे यह एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स में 0.61 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले 2.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,616 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

अजंता फार्मा स्पेशल औषधियां बनाने वाली फार्मा कंपनी है। ये कंपनी भारत में ब्रांडेड जेनेरिक दवाईयों में कारोबार करती है। इसके अलावा अमेरिका में जेनेरिक औषधि का कारोबार और अफ्रीका में भी कंपनी का बिजनेस है।

सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही (Q4FY22) में अजंता फार्मा का ebitda 20 प्रतिशत घटकर 207 करोड़ रुपये हो गया। वहीं सालाना आधार पर कंपनी की ebitda margin लोअर ग्रॉस मार्जिन (531 बीपीएस नीचे) और उच्च अन्य खर्चों के कारण 1,053 बीपीएस घटकर 23.7 प्रतिशत हो गई।

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बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक सालाना आधार पर कंपनी की आय 15 प्रतिशत बढ़कर 870 करोड़ रुपये हो गई। इसमें कंपनी के घरेलू कारोबार की आय सालाना आधार पर 12 प्रतिशत 245 करोड़ रुपये हो गई। वहीं ब्रांडेड कारोबार की सालाना आधार पर आय 46 प्रतिशत बढ़कर 399 करोड़ रुपये हो गई।

अमेरिका की बिक्री सालाना आधार पर 3 प्रतिशत घटकर 168 करोड़ रुपये रही, जबकि अफ्रीका का कारोबार सालाना आधार पर 37 प्रतिशत घटकर 50 करोड़ रुपये रहा।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा कि अजंता फार्मा अपनी घरेलू ग्रोथ बरकरार रखेगी। इसे वित्त वर्ष 2022 में लॉन्च किये गये अपने 16 नयी औषधियों के कारोबार से फायदा होता हुआ दिखेगा। इसके ब्रांडेड कारोबार की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ती हुई नजर आयेगी।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इन्होंने कच्चे माल की कीमतों और सप्लाई चैन लागत में बढ़ोत्तरी, अमेरिकी जेनरिक कारोबार में कीमतें बढ़ने और एंटी मलेरिया दवाईयों की कमजोर बिक्री के चलते कंपनी का FY23/FY24 के लिए EPS अनुमान को 6 /7 प्रतिशत तक घटाया है।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 
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First Published: May 11, 2022 7:59 PM
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