मोहे अपने ही रंग में रंग ले मेरे यार सांवरे/ रिंपी शर्मा

भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव का दिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है

जन्माष्टमी पूर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्म रूप में मनाया जाता है श्री कृष्ण युगो युगो से हमारी आस्था का केंद्र रहे हैं यह वाक्य रिंपी शर्मा जिला सचिव भाजपा ने कहे उन्होंने कहा कभी यशोदा मैया के लाल होते हैं तो कभी ब्रिज के नटखट कन्हैया भगवान श्री कृष्ण अपने भक्तों के मन के मंदिर में विराजमान रहते हैं भगवान कृष्ण देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र थे अत्याचारी का अंत करने के लिए उन्होंने इस धरती पर जन्म लिया भगवान कृष्ण सदैव प्रेम का संदेशा पूरे संसार में पहुंचाया आज के दिन मंदिरों को बड़े उत्साह के साथ सजाया जाता है श्री कृष्ण के झूले झुलाया जाते हैं , रासलीला का आयोजन होता है , आज के दिन पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर जगह-जगह दही हांडी का प्रतियोगिता का प्रोग्राम किया जाता है सभी जगह बाल गोविंद भाग लेते हैं मटकिया फोड़ दी जाती हैं भगवान की लीला को याद किया जाता है भगवान कृष्ण संदेश हमें बार-बार यह याद कर आते हैं,निर्बल का साथ दो : कमजोर व निर्बल का सहारा बनो। निर्धन बाल सखा सुदामा हो या षड्यंत्र का शिकार पांडव, श्रीकृष्ण ने सदा निर्बलों का साथ दिया और उन्हें मुसीबत से उबारा।, भगवान ने अन्याय का सदा विरोध करने को कहा श्री कृष्ण की शांति प्रियता कायर की नहीं बल्कि एक वीर की थी, उन्होंने अन्याय कभी स्वीकार नहीं किया शांति प्रिय होने के बावजूद शत्रु अगर गलत है तो उसके, कर्मों की सजा देने से भी पीछे नहीं हटे महिलाओं के प्रति सम्मान मैं उनके साथ लेकर चलने का भाव हो भगवान कृष्ण की रासलीला दरअसल मातृशक्ति को अन्याय के प्रति जागृत करने का प्रयास था और इसमें राधा उनकी संदेश वाहन बनी उन्होंने अर्जुन को साथी बनकर यह संदेश दिया कि व्यक्तिगत जीवन में हमेशा सहज व सरल बने रहो जिस तरह वह तीन लोक के मालिक अर्जुन के सारथी बने युधिष्ठिर के दूत बनकर पहुंचे भगवान कृष्ण ने दुर्योधन के 56 व्यंजन को छोड़कर विदुर के घर पर जाकर सादा भोजन किया, भगवान की महिमा सब दुखों को दूर करता है इंसान को सही रास्ता दिखाता है हमें कृष्ण भगवान की भक्ति में उसके रंग में रंग कर यह संसार में मोह माया ईशा लोग त्याग कर उसकी भक्ति में रंग जाना चाहिए


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धर्म · पंजाब
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