पीपल पूर्णिमा आज: धर्म की बहेगी बयार, होंगे सैंकड़ों विवाह – Patrika News

सीकर. पीपल पूर्णिमा पर सोमवार को धर्म की बयार बहेगी। अबूझ मुहूर्त होने से सैकड़ों जोड़े शादी के बंधन में बंधेगे। वहीं घरों में पूर्णिम के उद्यापन होंगे।
सीकर
Published: May 16, 2022 09:46:09 am
सीकर. पीपल पूर्णिमा पर सोमवार को धर्म की बयार बहेगी। अबूझ मुहूर्त होने से सैकड़ों जोड़े शादी के बंधन में बंधेगे। वहीं घरों में पूर्णिम के उद्यापन होंगे। इस दिन पीपल का पेड़ लगाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और लक्ष्मी का वास माना जाता है। इसके साथ ही पूर्णिमा को मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों होंगे। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान विष्णु को शीतल वस्तुओं का भोग लगाएंगे।
पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि वैशाख शुक्ल की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत भी रखा जाता है। इस साल वैशाख मास की पूर्णिमा 16 मई को है। पूर्णिमा की तिथि को चंद्र पूजन करने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है। वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। क्योंकि इस दिन भगवान बुद्ध का भी जन्म हुआ था। वैशाख मास भगवान विष्णु को अत्यधिक प्रिय है। ब्रह्मा जी ने वैशाख मास को सभी हिन्दू महीनों में में श्रेष्ठ और उत्तम बताया है। वैशाख पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और पूजा अर्चना करने से भगवान विष्णु के साथ-साथ मृत्यु के देवता यमराज को भी प्रसन्न किया जा सकता है और उनसे भी मनवांछित फल प्राप्त किया जा सकता है।

वैशाख पूर्णिमा का महत्व
वैशाख पूर्णिमा के दिन चंद्रमा का पूजन एवं व्रत करने के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी पूजा करने का विधान है। भगवान विष्णु का पूजन कर भोग लगाएं पंचामृत अर्पित करें। वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन पिछले 1 महीने से चले आ रहे वैशाख स्नान और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति की जाती है। इस दिन नदियों और तालाबों में स्नान के बाद दान पुण्य किया जाता है। इस दिन के दान का विशेष महत्व है। धर्मराज के निमित्त जल से भरा कलश, पकवान, मिष्ठान आदि वितरित करना गोदान के समान फल देने वाला बताया गया है। इस दिन शक्कर और तिल का दान देने से अनजाने में हुए पापों का विनाश हो जाता है। वैशाख पूर्णिमा के दिन स्थिर चित्त और एकाग्र मन से धर्मराज की पूजा अर्चना करने से मृत्यु पर विजय प्राप्त की जा सकती है। वैशाखी पूर्णिमा पर कुमार योग सुबह 9:44 से दोपहर 1 बजकर 18 मिनट तक, सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 1:18 से सूर्यास्त तक रहेगा।
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Ajay Sharma

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