Women's day 2022 Powerful Women in Mythology : देवी अनुसुइया जिनके आगे त्रिदेवों ने मानी हार, आज भी सम्मान से लिया जाता है नाम – Navbharat Times

Women’s day 2022 : 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। यह विश्व की तमाम महिलाओं के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है जो न सिर्फ अपने परिवार, समाज बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पित रहती हैं। भारत के इतिहास पुराणों के पन्ने पलटकर देखेंगे तो आपको ऐसी कई महिलाओं के नाम मिल जाएंगे जिन्होंने अपने हौसलों, बुद्धिमानी और कुशलता से असंभव को भी संभव कर दिखाया। ऐसी ही महान महिलाओं में एक नाम आता है देवी अनुसुइया का। इन्होंने अपनी बुद्धि और धैर्य से त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और शिवजी को भी अपने वश में कर लिया था। अपनी बुद्धि से देवी अनुसुइया नें त्रिदेवों को छोटे बालक के समान बना दिया।
त्रिदेवों ने मानी देवी अनुसुइया से हार

विशेष आग्रह पर ब्रह्मा, विष्णु और शिवजी ने सती अनुसुइया के सतीत्व और बौद्धिक क्षमता की परीक्षा लेने का विचार किया। एक दिन त्रिदेव ऋषि अत्रि की अनुपस्थिति में ऋषि का रुप धारण कर अनुसुइया के आश्रम में पहुंचे और भिक्षा मांगने लगे। देवी अनुसुइया ने उनका बड़े आदर से स्वागत किया और उन्हें भोजन के लिए आमंत्रित किया। लेकिन ऋषि के रूप में मौजूद त्रिदेवों ने कहा, हे साध्वी तुम्हें भिक्षा में हमें निर्वस्त्र होकर स्तनपान कराना होगा।
देवी अनुसुइया ऋषियों की बात पर हैरान रह गईं लेकिन गंभीरता पूर्वक योगबल से जान लिया कि तीनों ऋषि कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि त्रिदेव हैं। अनुसुइया ने ऋषियों से कहा कि आपकी इच्छा को जरूरी पूरी होगी लेकिन मेरी भी एक इच्छा है कि आप तीनों शिशु के रूप में मेरे पास आएं। तीनों देव शिशु रूप में आ गए। देवी अनुसुइया ने मातृभाव से त्रिदेवों को दूध पिलाया। इसके बाद पालने में सुला दिया।
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त्रिदेव ने प्रसन्न होकर दिया वरदान

जब तीनों देव देवलोक में नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नियां व्याकुल हो गई। इसके बाद त्रिदेवियां नारदजी के साथ देवी अनुसुइया के पास पहुंची और उनसे क्षमा मांगी। इसके बाद देवी अनुसुइया ने तीनों देवो को अपने वास्तविक रूप में लौटने के लिए कहा। तीनों देव वास्तविक रूप में आ गए। देवी अनुसुइया ने कहा कि आप तीनों देवों ने मुझमें मातृत्व भाव उत्पन्न किया है। इसलिए मुझे अपने समान संतान प्रदान करें। त्रिदेवों ने एकाकार रूप से पुत्र रूप में भगवान दत्तात्रेय को देवी अनुसुइया को भेंट किया।
देवी अनुसुइया की कहानी नारी शक्ति का बेहतरीन उदाहरण है। इस कथा में बताया गया है कि एक नारी इतनी शक्तिशाली होती हैं कि वह तीनों लोकों के स्वामी को अपने वश में कर सकती है।
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