डॉ नरेशअरोरा, डायरेक्टर , चेस अरोमाथेरेपी कास्मेटिकस और ब्यूटी एक्सपर्ट नीति अरोरा ने डिकोड किये – Samachar Jagat

साझा किये अरोमाथेरपी के प्रभावी उपाय। 

वर्तमान समय में हम सभी ने कोरोना वायरस जैसे पैन्डेमिक का भयंकर रूप देखा और यह भी देखा की कोरोना की गंभीरता से बचाने के लिए वैक्सीन सबसे ज़रूरी हथियार रहा वही सभी ने अपनी डाइट और नुट्रिशन के द्वारा इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने पर ध्यान दिया और नेचुरल और हर्बल रेसिपीस अपने रोज़ के डाइट रूटीन का हिस्सा बनाया। एक तरफ जहां एलोपैथिक दवाओं ने लोगो को कोरोना के सीरियस सिम्पटम्स से लोगो का बचाव किया वही इन दवाईयो के साथ होने वाले साइड इफेक्ट्स भी सामने आये जो काफी हैरान और परेशान करने वाले रहे, इनमें ज़्यादातर हार्ट, लंग्स, ब्लैक फंगस, रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुडी समस्याएँ रही।  
 
ठीक ऐसे ही समय में हमने यह भी देखा कि कैसे प्राकृतिक और हर्बल उपचार कोरोना के गंभीर परिणामो और गंभीर लक्षणों को कम करने में सहायक साबित हुए । जब भी नेचुरल थेरपीएस की बात उठती है तो अरोमाथेरपी का विषय ज़रूर उठता है, आज अरोमाथेरेपी ऑयल्स का इस्तेमाल जहा ब्यूटी प्रोडक्ट्स में होता है वही एरोमा ऑयल्स लोगो के ब्यूटी, स्किन और हेयर केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं. हम सभी इसके अनगिनत फायदों से अनजान नहीं है और जानते है कि अरोमाथेरपी किस प्रकार से त्वचा, बालों और सौंदर्य समस्याओं से लड़ने के लिए बेहद प्रभावी थेरेपी है। यही नहीं अरोमाथेरपी ऑयल्स में ऐसे गुण भी होते हैं जो हमारा कई बीमारियों और सिम्पटम्स आदि से बचाव कर सकते हैं और यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी के अरोमाथेरपी कोरोना से जुड़े गंभीर सिम्पटम्स और साइड इफेक्ट्स को कम करने में बेहद प्रभावी होते हैं, और इन्हे नेचुरल सैनिटाइज़र्स कहना गलत नहीं होगा। अरोमाथेरपी में कुछ ऐसे एसेंशियल ऑयल्स हैं जिनके इस्तेमाल से आप ना केवल कोरोना के लक्षणों और एलोपैथिक दवाओं के दुष्परिणामों को आसानी से दूर कर सकते हैं। चेस अरोमाथेरेपी कास्मेटिकस के डायरेक्टर डॉ नरेश अरोरा और ब्यूटी एक्सपर्ट और अरोमाथेरपिस्ट नीति अरोरा , ने ऐसे ही एसेंशियल ऑयल्स के बारे में हमसे उपयोगी जानकारी साझा और कमांडमेंट्स जारी किये और साथ ही इनके इस्तेमाल के सही तरीको पर भी प्रकाश डाला ताकि इन ऑयल्स का पूरा लाभ आप प्राप्त कर सके।  
 
डॉक्टर नरेश अरोरा के अनुसार एसेंशियल ऑयल्स कोरोना को रोकने में और या फिर उससे बचाव में आपकी मदद नहीं कर सकते लेकिन यह आपके सिम्पटम्स को कण्ट्रोल करने में और माइल्ड करने में महत्वपूर्ण होते हैं कोई भी इस बात से इनकार नहीं करेगा कि अरोमाथेरेपी एक अत्यंत सुखद, सेफ और प्रभावशाली चिकित्सा है, लेकिन इन सबसे पहले यह थेरेपी हीलिंग उपचार की कला है और इसका मन और शरीर दोनों पर ही शक्तिशाली रूप से प्रभाव पड़ता है। यह एक समग्र होलिस्टिक चिकित्सा पदधतीहै, अरोमाथेरेपी एसेंशियल तेल और मसाज के दोहरे उपयोग में निहित है, इस प्रकार हमारी दो सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों – गंध और स्पर्श का पूर्ण उपयोग करती है। अभी तक हमने एरोमा आयल का यह प्रकार और स्वरुप देखा लेकिन अब समय के साथ जब हमारे सामने अलग तरह के नए और खतरनाक वायरस कठिन समस्या सामने ला रहे हैं और हम सभी के लिए अलोपथी दवाओं को लेना मजबूरी है, वही हम अरोमाथेरपी कोविड के साइड एफ्फेक्ट्स को कम करने के लिए यूस कर सकते हैं । 
 
कोरोना के चलते अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में कंजेशन, सांस लेने में तकलीफ और कठिनाई, लंग्स में कंजेस्टिव इशूस, पोस्ट कोरोना ट्रामा, डिप्रेशन, स्ट्रेस, मूड स्विंग्स, लो इम्मुनिटी, दुबारा वाइरस कैच कर लेने का डर कोरोना के ठीक होने के बाद भी लोग फेस कर रहे हैं और इसका दुष्प्रभाव हमारी पर्सनालिटी, दिनचर्या और ओवरआल हेल्थ पर भी पड़ रहा है।
इस प्रकार की समस्याओ में आप Eucalyptus युकलिप्टस आयल का इस्तेमाल आपके लिए फ्लू, कोल्ड और कफ सप्रेसेंट के रूप में बेहद असरदार होता है , यह एसेंशियल आयल डी कंजेशन में आपकी मदद करने के साथ ही आपके इंफ्लामेशन को कंट्रोल करता है और साथ ही एक एंटीसेप्टिक की तरह भी काम करता है। इसके साथ ही लेमनग्रास आयल की प्रॉपर्टीज भी एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल होती हैं और रोस आयल डिप्रेशन, ग्रीफ, नर्वससिस्टम, टेंशन को ख़तम करने में आपकी मदद करता है। :युकलिप्टस आयल नेसल पैसेज और एयरवेस को क्लीन करने में मदद करता है। वही carrot सीड आयल टॉक्सिन्स घटाने और इम्युनिटी बूस्ट करने में भी मदद करता है, यह म्यूकस मेम्ब्रेन को स्ट्रेंथ देने के साथ इन्फेक्शन को बढ़ने से भी रोकता है। इसके अतिरिक्त मंडारिन और ग्रेपफ्रूट ऑयल्स आपके लिम्फेटिक सिस्टम को स्टिमुलेट करते हैं, जो इन्फेक्शन से फाइट करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त रोजमेरी, जेरेनियम से लेकर एक्सोटिक पचोली ऑयल्स की भी बहुत विशेषताएं होती हैं.और :इन सभी के उनके एसेंस के अनुसार ही अद्भुत फायदे भी होते हैं जो रिलैक्सिंग और स्फूर्ती प्रदान करने वाले होते हैं और अपने एसेंस के अनुरूप ही एंटीसेप्टिक, जीवाणुरोधी और कीटाणुनाशक होते हैं। इन्हे कई तरीकों से शरीर पर लगाया जा सकता है और या फिर उन्हे इन्हेल भी किया जा सकता है , उन्हे नहाने, कम्प्रेशन के द्वारा और या फिर स्किन, फेस, हेड, और बॉडी मसाज के पर्पस में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 
कोरोना के ही नए नए वैरिएंट्स मेडिकल फ्रटर्निटी के लिए भी चुनौती हैं और उनके साथ एक मिस्ट्री भी जुडी हैं जहा आम आदमी स्थिति से डरा हुआ है और कन्फ्यूज्ड है और ऐसे में वो उपचार को लेकर भी भ्रमित है । जहा साइन्स ने हमें इस महामारी से बड़ी हद तक बचाने का काम किया है वही अल्टरनेटिव और प्राचीन थेरपीएस जो हर्ब्स और नेचुरल अरोमाथेरपी एसेंशियल ऑयल्स पर बेस्ड हैं और इन थेरपीएस के प्रति लोगो का रुझान भी बहुत बड़ा है और ये थेरपीएस एक सेविंग ग्रेस के रूप में सामने आयी हैं. एरोमा थेरेपी ऑयल्स में बहुत वाइटल एलिमेंट्स हैं और नेचुरल ऑयल्स सिन्थेटिकली क्रिएट किये गए ऑयल्स की अपेक्षा ज़्यादा एक्टिव होते हैं, और इनके साथ किसी भी तरह के एडवर्स रिएक्शन का कोइ डर नहीं होता। उदाहरण के तौर पर पूरा एरोमेटिक एसेंस मात्र कंपोनेंट्स की अपेक्षा अधिक पावरफुल होता है जैसे की बेसिल यानी तुलसी और युकलिप्टुस ऑयल्स जो कॉमन फ्लू के ट्रीटमेंट्स और अपर रेस्पिरेटरी सिस्टम और ट्रेकिआ में वायरल इन्फेक्शन 
को शरीर में फैलने से रोकने में मददगार होता है।  
 
ये एसेंशियल ऑयल्स गुणों की खादान हैं और अपनी एन्टीबैक्टिरीअल और एंटीवायरल प्रॉपर्टीज के चलते बैक्टीरिया पर प्रहार करने का काम करते हैं और साथ ही हमारे खुद के टिशुस को भी डैमेज नही करते, यही नहीं यह एसेंशियल ऑयल्स हमारी बॉडी के इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रांग बनाते हैं और किसी भी प्रकार के जर्म्स, वायरस और माइक्रोब्स आदि से हमें प्रोटेक्ट करने का काम करते हैं। इन एसेंशियल ऑयल्स में लैवेंडर, लाइम, रोजमेरी, लेमन ग्रास आदि ऐसे ऑयल्स हैं जो हीलिंग प्रोसेस, में भी हमारी मदद करते हैं.और हीलिंग के प्रोसेस को तेज़ करते हैं। 
 
इन ऑयल्स का अच्छा असर देखने के लिए आप हॉट स्टीम कर सकते हैं और २-३ ड्रॉप्स एसेंशियल ऑयल्स की डाल सकते हैं और यह प्रोसेस दिन में दो बार कर सकते हैं, ५ मिनट में यह स्टीम आपके लंग्स के पाथवे को क्लीन कर देगी और किसी भी प्रकार के वायरल इन्फेक्शन की ग्रोथ को रोकने में सहायक होगी। यह प्रोसेस किसी भी फ्लू के सिम्पटम्स को सीरियस होने से रोकने में असरदार साबित हो सकता है और साथ ही आपकी संभावित इन्फेक्शन से बचाव के लिए आपकी इम्युनिटी को भी स्ट्रांग कर सकता है।  
 
आईये जाने डॉ नरेश अरोरा से इनके सही इस्तेमाल के विभिन्न तरीके ; आप इन ऑयल्स का इस्तेमाल विभिन्न तरीको से कर सकते हैं : 
आप इन ऑयल्स का इस्तेमाल अपने घर में अरोमाथेरपी बर्नर या फिर डिफ्यूज़र लगा कर कर सकते हैं और घर में एयरबोर्न वायरस को डीफ्यूस करने के लिए भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं.
आप रेस्पिरेटरी इंफ्केशन्स की स्थिति में स्टीम इन्हालएशन यूज़ कर सकते हैं।  
आप रुमाल में या टिशू पेपर में भी एरोमा ऑयल्स की कुछ बूंदे डाल कर inhale कर सकते हैं।  
आप इन ऑयल्स को बेस आयल में मिक्स करके मसाज भी कर सकते हैं।  
आप इन्हे अलकोहल बेस्ड हैंड सानीटाइज़र में डाल कर वायरस से प्रोटेक्शन बड़ा सकते हैं।  

 

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